थाना बेनीगंज पुलिस हिरासत मे युवक पर थर्ड डिग्री टार्चर का वीडियो हुआ वायरल।
चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
हरदोई: फोन पर बातचीत के दौरान गाली गलौज के मामले में बेनीगंज पुलिस पर आरोप लगा है कि आरोपी को गुनाह कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित रूप से पुलिस ने आरोपी को मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा ताकि वह अपनी गलती स्वीकार कर ले। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चिंता का विषय बनी हुई है। जिसे सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है।बताते चलें कि कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र के शुक्लापुर निवासी 20 वर्षीय हरिओम शुक्ला पुत्र मदन गोपाल शुक्ला ने दो माह पूर्व कछौना थाना की गांव निवासी महिला से फोन पर बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग अटवा भदसेन गांव निवासी उसके रिश्तेदार अनीत वर्मा पुत्र अज्ञात के हांथ लगने पर कथित कोथावां निवासी पत्रकार लालजीत वर्मा ने हरिओम से धन की मांग करते हुए एससीएसटी एक्ट में न फंसाने की बात कहीं। और पैसा न देने पर अनीत वर्मा ने कोतवाली बेनीगंज में हरिओम के खिलाफ अपनी नाबालिक पुत्री से गाली गलौज के मामले को लेकर लिखित तहरीर पर हरिओम को पुलिस ने 5 फरवरी को कोतवाली बुलाया वहां पूर्व से मौजूद लालजीत वर्मा, अनीत वर्मा व उनके कई साथियों ने दबाव बनाने का प्रयास किया।
मामला बढ़ता देख इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सरोज ने हरिओम पर उपरोक्त मामले के बाबत कार्रवाई की बात कही और कहीं निकल गए कोतवाली में मौजूद मुंशी तेजवीर सहित अन्य सिपाहियों ने मुकदमा न लिखने और मामले को रफा दफा करने के एवज में मोटी रकम देने की बात कही। जिसे हरिओम द्वारा मना करने पर उपरोक्त सिपाहियों द्वारा उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर कर संडीला उप मजिस्ट्रेट के समक्ष भेज दिया गया। वहीं कोतवाली में मार पीट के दौरान कथित पत्रकार एवं उसके साथियों द्वारा उसका वीडियो भी बनाया गया महिला द्वारा स्पष्ट तौर से किसी अन्य व्यक्ति से काल रिकॉर्डिंग बातचीत आदि से साफ इनकार कर दिया गया। उसके द्वारा यह भी कहा गया कि हमारा किसी से कोई बातचीत जैसा मामला ही नहीं है उसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके बयान वीडियो सुरक्षित है। वहीं इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत सिंह ने कहा मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
