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बारडोली गुजरात: मांडवी तालुका के बोधन गांव के पास एक तेंदुए ने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कर दिया, बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत

 ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात 


सुरतजिलेके मांडवीतालुका की आदिवासी जनता ऐसेही तेंदुएका शिकार कबतक बनती रहेगी? 

मांडवी तालुका के बोधन गांव के पास एक तेंदुए ने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कर दिया, बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

मांडवी तालुका इलाकेमें हुआ करताथा लेकिन अभि जंगलों मिटकर क्रिकेटके मैदानजैसी खुली जगहों बनगई उसी कारण तेंदुए शिकारकी तलाशमें गांवकी गलियों तक पहुंचकर अक्सर इंसानों पर हमला कर रहे हैं।


मांडवी तालुका से तेंदुए पकड़े जाने के बाद, क्या उन्हें पशुचिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार दिया जाता है या नहीं?

मांडवी तालुका के तेंदुओं को पिंजरों में रखा जाता है। यदि वे पिंजरे में बीमार हो जाते हैं, तो क्या उन्हें एक दिन का इलाज देकर छोड़ दिया जाता है या तेंदुए के ठीक होने तक उनका इलाज किया जाता है?


क्या मांडवी तालुका से तेंदुओं को पिंजरे में बंद करने के बाद मांडवी तालुका के गांवों में छोड़ा जा रहा है?


 मांडवी तालुका में तेंदुओं के हमले लगातार हो रहे हैं। इन हमलों में पकड़े गए आदमखोर तेंदुओं के मामले में, अभी तक किसी ने भी यह पुष्टि नहीं की है कि यह वही आदमखोर तेंदुआ था या कोई दूसरा तेंदुआ।


मांडवी तालुका के कई गांवों में, जहां तेंदुए देखे जाते हैं, क्या सरकार ने सार्वजनिक चेतावनी बोर्ड लगाए हैं?


सूरत जिले के सभी तालुकों में तेंदुए पाए जाते हैं, तो फिर मानव हमले केवल मांडवी तालुका में ही क्यों हो रहे हैं? क्या वन विभाग को इसका कारण पता चला है या नहीं?

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