ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
तापी जिले में निखिल सेठ की नियुक्ति BJP संगठन में नए बैलेंस का संके
- पिछले कुछ समय से जिला BJP में अलग-अलग गठबंधनों और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है-
- विपक्षी पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया, कुछ नेताओं ने इस नियुक्ति को BJP के अंदरूनी गठबंधनों को बैलेंस करने की कोशिश बताया
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तापी जिला BJP संगठन में निखिल सेठ को जनरल सेक्रेटरी बनाने का फैसला सिर्फ संगठन को बढ़ाने के लिए ही नहीं है, बल्कि इसे अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों को बैलेंस करने की कोशिश भी माना जा रहा है।
पिछले कुछ समय से जिला BJP में अलग-अलग गठबंधनों और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे समय में, ऐसे चेहरे को आगे लाने का फैसला, जिसका फील्ड से सीधा जुड़ाव हो और जो कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्य हो, संगठन के लिए स्ट्रेटेजिक माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस नियुक्ति से तीन अहम संदेश जाते हैं: कार्यकर्ता-आधारित लीडरशिप को प्राथमिकता, फील्ड में सक्रिय चेहरों को आगे लाने की कोशिश, अंदरूनी नाराजगी कम करने की स्ट्रेटजी। आने वाले समय में जिला BJP के लिए संगठन को मजबूत करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
निखिल सेठ कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, प्रोग्राम बनाने और पार्टी को बढ़ाने में कितनी असरदार भूमिका निभाते हैं, यह आने वाले समय में अहम होगा। निखिल सेठ को जिला BJP महासचिव बनाने की घोषणा के बाद विपक्ष ने भी इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं।
विपक्षी पार्टी के कुछ नेताओं ने इस नियुक्ति को BJP के अंदरूनी तालमेल को बैलेंस करने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि जिला स्तर पर BJP संगठन में लंबे समय से चल रहे असंतोष को शांत करने के लिए नए चेहरे सामने लाए जा रहे हैं। विपक्षी पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि संगठन को मजबूत करने के दावे के बीच BJP मैदान में असली राजनीतिक चुनौतियों के खिलाफ कितने असरदार तरीके से काम करती है, यह अहम होगा। राजनीतिक चर्चा है कि जिला स्तर पर BJP के संगठन में बदलाव को लेकर विपक्षी पार्टी आने वाले समय में राजनीतिक हमले तेज कर सकती है। जिला BJP में निखिल सेठ की नियुक्ति को राजनीतिक रूप से चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी आने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। चुनावी राजनीति में मैदानी कार्यकर्ता और स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन सबसे अहम माना जाता है। निखिल सेठ की फील्ड पर पकड़ और कार्यकर्ताओं से संपर्क को देखते हुए माना जा रहा है कि पार्टी ने उन्हें एक अहम ज़िम्मेदारी सौंपी है।
इस नियुक्ति से BJP तीन मुख्य लक्ष्यों पर काम कर सकती है: ग्रामीण और शहरी इलाकों में संगठन का विस्तार, युवा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश और चुनाव से पहले संगठन की गतिशीलता बढ़ाना। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर जिला स्तर पर संगठन मजबूत होता है, तो इसका सीधा असर वोटिंग समीकरणों पर पड़ सकता है।
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