, विनोद कुमार पांडे ब्यूरो चीफ
चिरमिरी गाड़ी चेकिंग के दौरान विवाद, पौड़ी पुलिस के व्यवहार पर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद व्यापारी संघ में आक्रोश
बीते दिन 31 जनवरी की रात, बड़ी बाजार के व्यापारी प्रभात केसरवानी व्यापारिक कार्य से लौट रहे थे। इसी दौरान पौड़ी तिराहा पर पुलिस द्वारा गाड़ी चेकिंग के दौरान वाहन रोका गया। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान चाबी छीनने की कोशिश, डंडे से मारने का प्रयास और माँ-बहन की गंदी गालियाँ दी गईं, जो कथित तौर पर वीडियो में साफ सुनाई और दिखाई दे रही हैं।
यह वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। व्यापारी संघ ने घटना को मानव अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए विरोध और आंदोलन का आह्वान किया है। संघ की मांग है कि ऐसे व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो और संबंधित जिम्मेदार को पद से हटाया जाए।
वहीं थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि वीडियो एडिटेड है, आवाज उनकी नहीं है और AI के जरिए जोड़ी गई हो सकती है।
अब सवाल यही है—
यह वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। व्यापारी संघ ने घटना को मानव अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए विरोध और आंदोलन का आह्वान किया है। संघ की मांग है कि ऐसे व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो और संबंधित जिम्मेदार को पद से हटाया जाए।
वहीं थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि वीडियो एडिटेड है, आवाज उनकी नहीं है और AI के जरिए जोड़ी गई हो सकती है।
अब सवाल यही है—
क्या गाड़ी चेकिंग के दौरान ऐसा व्यवहार कानूनसम्मत है?
और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
नज़र अब एसपी और आईजी स्तर
