मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा से मनीष इंगोले की रिपोर्ट
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा आदिवासी आश्रमों का औचक निरीक्षण
सहायक आयुक्त,जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा द्वारा आज जिले के आदिवासी बालक आश्रम अंबाड़ा एवं आदिवासी बालक आश्रम बड़कूही का औचक निरीक्षण किया गया।आदिवासी बालक आश्रम अंबाड़ा निरीक्षण के दौरान आश्रम परिसर में चल रहे मरम्मत कार्यों का गहन निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर विभाग के उप यंत्री एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की की गई।
जांच में कार्यों में अनियमितता एवं गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उप यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा संबंधित ठेकेदार को उनके कर्तव्यों में लापरवाही के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त आश्रम में अध्ययनरत छात्रों के शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के दौरान छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता संतोषजनक न पाए जाने पर, संस्था में पदस्थ दो शिक्षकों को निलंबित किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए।
आदिवासी बालक आश्रम बड़कूहीइसके पश्चात आदिवासी बालक आश्रम बड़कूही का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि—
छात्रों को नियमानुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित किया जाए,
आश्रम परिसर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए,
संस्था के शौचालयों के मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएं।
साथ ही, आश्रम में पदस्थ शिक्षकों के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें गुणवत्ता निम्न स्तर की पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि आदिवासी आश्रमों में छात्रों की शिक्षा, आवासीय सुविधाएं, भोजन व्यवस्था एवं मूलभूत ढांचे से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। भविष्य में पुनः निरीक्षण कर निर्देशों के पालन एवं सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की जाएगी।


