ब्रेकिंग न्यूज़ संभल
जिला ब्यूरो चीफ जगतपाल सिंह
इंफ़ो एज के शीर्ष लीडर दिवाकर गुप्ता का संदेश — “निरंतर सीखना ही सफलता की कुंजी”डी.ए.वी. फ़र्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल
बबराला, 6 दिसम्बर। विद्यालय परिसर शनिवार को प्रेरणा और उत्साह से सराबोर रहा, जब कॉर्पोरेट जगत के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर एवं युवा प्रेरणास्रोत श्री दिवाकर गुप्ता (इंफ़ो एज) ने विद्यार्थियों से संवाद किया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री आनंद स्वरूप सारस्वत द्वारा अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत कर किया गया।अपने उद्बोधन में प्रधानाचार्य महोदय ने कहा कि “ऐसे अनुशासनप्रिय और दूरदर्शी व्यक्तित्व से विद्यार्थियों का साक्षात्कार होना विद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। श्री गुप्ता का जीवन तकनीकी ज्ञान, वैश्विक दृष्टि और नेतृत्व क्षमता का प्रेरक उदाहरण है।”अपने सारगर्भित संबोधन में श्री दिवाकर गुप्ता ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जीवन में सफलता का रहस्य निरंतर सीखने, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच में निहित है। उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को हर क्षेत्र में निपुण होना आवश्यक नहीं; एक लक्ष्य, एक दिशा और एक सपना ही व्यक्ति को ऊँचाइयों तक ले जाता है।”उन्होंने आगे कहा कि सफलता धन से नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, अभ्यास और आत्मविश्वास से मिलती है। असफलता को अंत नहीं, बल्कि ‘सीखने का अवसर’ मानना चाहिए।श्री गुप्ता ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि प्रतिदिन रात्रि में 15–20 मिनट आत्ममंथन अवश्य करें—क्या अच्छा किया और क्या सुधार की आवश्यकता है।वे अलग-अलग महान व्यक्तित्वों—एलन मस्क और न्यूटन—के उदाहरणों द्वारा यह संदेश देते रहे कि जिज्ञासा, निरंतरता और सकारात्मक दृष्टिकोण किसी भी जीवन को महान बना सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे सबसे बड़े शुभचिंतक हमारे माता-पिता होते हैं; उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद का सम्मान करना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।”श्री गुप्ता ने यह भी बताया कि सकारात्मक संगति व्यक्ति का व्यक्तित्व बनाती है, इसलिए मित्रों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए। उनके प्रेरक विचारों से विद्यार्थियों में इतना उत्साह रहा कि प्रश्नोत्तर सत्र में अनेक जिज्ञासाएँ सामने आईं और वातावरण सीखने की ऊर्जा से भर उठा।
कार्यक्रम में बी.आर.एस. कॉलेज के प्राचार्य श्री जगन्नाथ सिंह, विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के सहयोग से हुआ।समापन पर प्रधानाचार्य श्री सारस्वत ने स्मृति-चिह्न भेंट कर अतिथि का हार्दिक आभार व्यक्त किया।


