ब्यूरोचीफ़ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
भारतीय वायु सेना में कार्यरत रहे कर्मचारी द्वारा गंभीर उत्पीड़न व संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप
जैसलमेर (राजस्थान) निवासी मेघ सिंह भाटी ने भारतीय वायु सेना से जुड़ी अपनी सेवा अवधि को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।उनका कहना है कि उन्होंने ईमानदारी से ₹4,55,000/- की राशि भारतीय वायु सेना को वापस लौटाई, जिसकी पुष्टि में संबंधित एजेंसी द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।
इसके बावजूद, संबंधित वायु सेना स्टेशन पर उनसे पावती रसीद मांगने पर कथित रूप से उन्हें दंडित किया गया और बाद में मानसिक, आर्थिक व प्रशासनिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि सेवा के दौरान पोस्टिंग नीति के विरुद्ध बार-बार स्थानांतरण, नियमों के विपरीत सजाएँ, तथा रेड एंट्री जैसी कार्य वाहियाँ की गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि वेतन, भत्ते, वर्दी, ट्रेड जॉब तथा बच्चों के शिक्षा भत्ते वर्षों तक रोके गए, जिससे उनके परिवार की अभी सामाजिक व आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई।
भाटी को कहने के अनुसार, जब उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकारों की बात की, तो उन्हें कथित रूप से चेतावनी दी गई कि वे न्यायालय की शरण न लें।उनका कहना है कि वर्ष 2006 से वेतन-भत्ते और 2011 से बच्चों का शिक्षा भत्ता बंद है तथा कई पोस्टिंग क्लेम भी नहीं दिए गए।
अंततः वर्ष 2017 में उन्हें आजीविका से वंचित कर दिया गया, जिससे पूरा परिवार गंभीर संकट में आ गया है।
पीड़ित यह भी आरोप लगाते हैं कि आज तक उनकी शिकायतों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच नहीं की गई और मात्र 5 मिनट की जांच की मांग भी अस्वीकार की जा रही है।
उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक गरीब कर्मचारी के संवैधानिक अधिकारों, मानव गरिमा और न्याय के अधिकार से जुड़ा हुआ है।
मेघ सिंह भाटी ने माननीय न्यायपालिका, मानवाधिकार आयोग, रक्षा मंत्रालय और मीडिया से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और निष्कर्षपूर्ण जांच कराई जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।
ऐसे उत्पीड़न परिवार के सदस्य ने अपनी निष्ठा से सरकार के प्रति फरज अदा करने में अपना जीवन व्यतीत किया फिरभी सरकार का ऐसा रवैया उनके प्रति तिरस्कृत रूप रहा।
अभी जैसल मेर राजस्थान में परिवार के साथ रहने वाले मेघ सिंह भाटी को न्याय पाने के लिय दर दर घुम के न्याय के लिए गुहार लगा रहे है उस अन्यायी उत्पीड़न पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने कौन आगे आयेंगे ओर बहेरी सरकार के कानून तक उनकी आवाज पहुंचा के न्याय दिलाएंगे।

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