ब्यूरो रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
अरावली शिक्षा सेवा समाज ट्रस्ट विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक बना
मोडासिया परगना के 44 गांवों के कक्षा 10-12 के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन एवं मानसिक स्वास्थ्य सेमिनार आयोजित किया गया।
अरावली शिक्षा सेवा समाज ट्रस्ट, मोडासा द्वारा मोडासिया परगना के 44 गांवों के कक्षा 10, 11 और 12 के छात्रों के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और मानसिक स्वास्थ्य पर एक व्यापक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह सेमिनार अरावली जिले के मोडासा शहर में आयोजित किया गया था. यह बाबासाहेब अम्बेडकर भवन में आयोजित किया गया था।सेमिनार में 'संकल्प' डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, अरावली से जुड़ी डाॅ. भरतभाई परमार ने विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, महिला हित कानूनों, कैरियर मार्गदर्शन, साइबर अपराधों से सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में उपयोगी और मार्गदर्शक जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सहायक निरीक्षक श्री जगदीशभाई परमार ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान आने वाले भ्रमित करने वाले प्रश्नों, उचित तैयारी रणनीति, समय प्रबंधन एवं परीक्षा में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के संबंध में प्रभावी मार्गदर्शन दिया।मानसिक स्वास्थ्य के लिए अरावली जिला कलेक्टर समिति के सदस्य मुकेश परमार ने अध्ययन अवधि के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने, क्रोध पर नियंत्रण, भावनात्मक स्थिरता, मानसिक आवेगों और मानसिक विकारों की शीघ्र पहचान और रोकथाम की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व, छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान, कक्षा 10 और 12 के बाद करियर विकल्प और मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप शिक्षा किट वितरित किये गये।सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन अरावली शिक्षा सेवा समाज ट्रस्ट के समिति सदस्यों द्वारा बहुत ही सुव्यवस्थित एवं सराहनीय ढंग से किया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि ट्रस्ट के सभी समिति सदस्यों के संगठनात्मक कौशल, सहयोग और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप सेमिनार सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
उक्त कार्यक्रम में विभिन्न समाजजन, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सेमिनार में फीडबैक मिला कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में परीक्षा और भविष्य का डर दूर होने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति नई दिशा, जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित हुआ है।



