‘संरक्षण भी, समाधान भी’:जल संरक्षण में देश के लिए मॉडल बना बिहार:राकेश पासवान
नीतीश सरकार ने 1.40 लाख पुराने जलस्रोतों को किया पुनर्जीवित,73 हजार नए जलाशयों का निर्माण
मुकेश कुमार-स्टेट हेड-बिहार/ झारखंड
पटना(बिहार)।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐसी दूरदर्शी मिसाल पेश की है,जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘संजीवनी’ साबित होगी।जदयू अनु.जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पासवान ने कहा कि बिहार आज "संरक्षण भी, समाधान भी" के संकल्प के साथ जल संकट की चुनौतियों का स्थायी समाधान निकालने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।•पुराने जलस्रोतों का कायाकल्प•उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परंपरा और तकनीक का बेहतर समन्वय किया है।राज्य भर में 1.40 लाख से अधिक पुराने जलस्रोतों(तालाब, आहर-पइन)का जीर्णोद्धार किया गया है।इस कदम से न केवल भू-जल स्तर में सुधार हुआ है,बल्कि किसानों और शहरी आबादी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पासवान ने कहा है कि सरकार केवल वर्तमान की समस्याओं को नहीं सुलझा रही,बल्कि भविष्य की तैयारी भी कर रही है।इसी रणनीति के तहत राज्य में 73 हजार से अधिक नए जलस्रोतों का निर्माण कराया गया है।उन्होंने कहा,प्राकृतिक संसाधन केवल विकास का साधन नहीं,बल्कि जीवन का आधार हैं।मुख्यमंत्री की नीति,नीयत और निरंतरता का ही परिणाम है कि बिहार आज जल संरक्षण में एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है।श्री राकेश पासवान ने कहा कि चेकडैम और पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण से पर्यावरण का संतुलन बना हुआ है।जल संरक्षण अब बिहार में केवल एक नारा नहीं,बल्कि एक सतत अभियान बन चुका है।इन प्रयासों का सीधा सकारात्मक असर राज्य की कृषि व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
