रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात
अरावली जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता अभियान शुरू हुआ
जिला कलक्टर श्री प्रशस्ति पारीक की अध्यक्षता में रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
बाल विवाह की रोकथाम और जागरूकता के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिला सामाजिक सुरक्षा, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, गायत्री सेवा संस्था अरावली और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस की संयुक्त पहल अरावली जिले में शुरू हुई।बाल विवाह मुक्त भारत रथ कलेक्टर कार्यालय अरावली से प्रारंभ हुआ। यह रथ अरावली जिला मुख्यालय से शुरू होगा और जिले के गांवों में जाकर जागरूकता फैलाएगा और बाल विवाह के दुष्प्रभावों और इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएगा.आज के कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए जिला कलक्टर श्री प्रशस्ति पारीक ने कहा कि भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में भागीदार बनकर न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश से यह कलंक मिटाना है। उन्होंने गायत्री सेवा संस्था के प्रयासों की सराहना की और प्रशासन के पूर्ण सहयोग की बात भी कही.
कार्यक्रम में मोडासा विधायक श्री भीखूसिंह परमार ने कहा कि इस सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करने की जिम्मेदारी हम सभी की है और इसमें गुजरात सरकार का पूरा सहयोग है। गायत्री सेवा संस्था के निदेशक एवं राजस्थान बाल आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या ने कहा कि हम और हमारी टीम संस्था के माध्यम से सरकार के इस अभियान के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और यह अभियान प्रशासन के सहयोग और मार्गदर्शन से गुजरात के छह जिलों में काम करेगा. आज अरावली जिले में इसकी शुरुआत हो चुकी है.
आज के कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी श्री दीपेश केडिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, गायत्री सेवा संस्था निदेशक श्री शैलेन्द्र पंड्या, बाल विवाह निषेध अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सीडब्ल्यूसी समिति अध्यक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन अरावली एवं गायत्री सेवा संस्था के कार्यकर्ता उपस्थित थे।


