आनन्द बॉबी चावला ब्यूरो चीफ झांसी।
*महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक का किसानों से आह्वान—वैज्ञानिक कृषि अपनाकर बढ़ाएँ उत्पादन और आय*
*रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में एससी-एसपी परियोजना के तहत 150 कृषकों को कृषि आदानों को कराया मुहैया*
*झाँसी। अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीआरआईसैट), हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक तथा रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् – राष्ट्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन परियोजना (आईसीएआर–एनआरआईआईपीएम), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति उप-योजना (एससी-एसपी) के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों के 150 कृषकों को कृषि आदानों को मुहैया कराया गया।कार्यक्रम के दौरान कृषकों को नैपसैक स्प्रेयर, बीज भंडारण ड्रम, फफूंदनाशी, कीटनाशी, फेरोमोन ट्रैप तथा जैव उर्वरक प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व इन्हीं कृषकों को चना एवं मटर (फील्ड पी) की उन्नत एवं उच्च उत्पादक किस्मों के बीज भी मुहैया किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर *महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक* ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “कृषि में सतत् विकास के लिए वैज्ञानिक अनुशंसाओं और समेकित कीट प्रबंधन तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियाँ किसानों की लागत घटाने के साथ-साथ उत्पादन और लाभप्रदता बढ़ाने में सहायक हैं।” उन्होंने विश्वविद्यालय सभागार में *‘सफलता के 10 सूत्र’* पर विस्तार से विचार रखते हुए कृषकों एवं विद्यार्थियों को नवाचार, अनुशासन और ज्ञान-आधारित खेती के लिए प्रेरित किया।कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि “रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में किसानों के हित में अनुसंधान से लेकर प्रसार तक की सशक्त श्रृंखला विकसित कर रहा है। एससी-एसपी जैसी योजनाएँ वंचित वर्ग के कृषकों को उन्नत कृषि आदानों और तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप फसल, कीट एवं रोग प्रबंधन पर केंद्रित अनुसंधान को प्राथमिकता दे रहा है।कार्यक्रम के पश्चात कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक को विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया, जहाँ उन्हें विभिन्न चल रहे अनुसंधानों, प्रक्षेत्रीय परीक्षणों एवं नवाचारों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिकगण एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आनन्द बॉबी चावला झांसी।
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