Etawah News: कर्पूरी जी की नीति विरुद्ध अनीति करने वाले लुटेरे हैं: ज्ञानार्थी
अपना दल वंचितों के आंसू पोछने में जुटा रहेगा: हरि शंकर पटेल
रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 News
इटावा, 28 जनवरी: भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्म जयंती पर अपना दल सोनेलाल ने एक विचार गोष्ठी का आयोजन गांधीनगर में किया, जिसमें सामाजिक न्याय आंदोलन के अग्रदूत बिहार के यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी जी के अनुकरणीय व्यक्तित्व और उल्लेखनीय कृतित्व पर व्यापक चर्चा में भाग लेते हुए वक्ताओं ने उनके अधूरे स्वप्न को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय अपना दल के संस्थापक यशा कायी डॉ० सोने लाल पटेल के योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया और समाज के उपेक्षित उत्पीड़ित वंचित लोगों के कल्याण के लिए उनके मार्ग पर चलने का आवाहन किया।मदर टेरेसा स्कूल संस्थापक विमल श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य तथा अपना दल एस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ० हरिशंकर पटेल की अध्यक्षता में पार्टी के जिला सचिव सुधीर सविता के गांधी नगर, आवास पर आयोजित समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी श्री कृष्ण वर्मा एवं वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी का माल्यार्पण कर शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।
डॉ हरिशंकर पटेल ने कहा कि समाज में विभिन्न क्षेत्रों में समर्पित सेवाएं प्रदान करने वाली विभूतियों के सम्मान से हमें बहुत कुछ सीखना है ताकि हम नई पीढ़ी के लिए समुचित दिशा निर्देश प्राप्त कराने योग्य बन सकें और अपना दल के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक ले जा सकें। उन्होंने इटावा में अपनी पार्टी की ओर से लोकसभा प्रत्याशी के रूप में इक्कीस वर्ष पूर्व चयन करने के लिए पार्टी के संस्थापक प्रातः स्मरणीय सोनेलाल पटेल की दूरदर्शिता को प्रणम्य बताया जिन्होंने गणेश ज्ञानार्थी को यहां से लोकसभा का प्रत्याशी बनाया। पटेल ने सामाजिक और पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में ज्ञानार्थी की निर्विवादित पहचान और उनकी सर्वजन समाज हितैषी सेवाओं के सम्मान के लिए उनके चयन पर पार्टी जनों के निर्णय की प्रशंसा की और कहा कि सार्वजनिक जीवन में यदि हम श्रेष्ठ जीवन मूल्य अपनाने वाले लोगों से प्रेरणा ग्रहण कर अच्छे विचार अपनाएंगे तो ज्यादा लोगों की सेवा कर पाएंगे।
मुख्य अतिथि विमल श्रीवास्तव ने कहा कि त्यागी तपस्वी पूर्वजों ने राष्ट्र निर्माण और संचालन के लिए जो मार्ग निर्धारित किए हैं, उनसे भटक कर हम न तो कोई लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं और न ही समाज और राष्ट्र की समुचित सेवा कर सकते हैं। हमें उन्ही पुराने जीवन मूल्यों को आत्मसात करके नई पीढ़ी को सही दिशा में आगे बढ़ाना है, तभी समाज प्रगति कर पाएगा।
इस अवसर पर नगर पालिका से सेवानिवृत्त और आज सम्मानित हुए वरिष्ठ समाजसेवी श्री कृष्ण वर्मा ने अपना दल के इटावा में चुनावी काल के संस्मरण सुनाए और कर्पूरी जी पर एक कविता सुना कर प्रशंसा अर्जित की।
स्तंभकार गणेश ज्ञानार्थी ने कहा कि महात्मा गांधी से अनुप्राणित होकर डॉक्टर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण आदि तपस्वी नेतृत्व के इशारे पर दलितों की तरह वंचित रह रहे समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले अति पिछड़े, आर्थिक रूप से दयनीय सवर्णों के लिए तीन प्रतिशत, धर्मांतरित कामगार मुस्लिमों के लिए तीन प्रतिशत और वंचित विपन्न अति पिछड़े नागरिकों के लिए बिहार विधान सभा में कुल मिला कर छब्बीस प्रतिशत आरक्षण लागू करके कर्पूरी फॉर्मूला प्रदान करने वाले कर्पूरी जी को भारत रत्न का मान प्रदान कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वास्तविक हकदार का चयन कर प्रशंसाएं बटोरी थी। बिहार विधान सभा चुनावों में वंचित वर्ग का स्नेहाशीष भी उन्हें मिला है, मगर वे अब तक वंचितों के जर जोरू जमीन तथा आरक्षण के हक के लुटेरों से उन्हें न्याय दिलाने के प्रति बेचैन नहीं दिखते तथा "लूटने वाले को लौटाना पड़ेगा" वाला उनका बयान भी अभी तक क्रियान्वित नहीं हो पाया है,जिससे वंचित वर्गों में बेचैनी और असुरक्षा का भाव यूपी बिहार आदि में लगातार बना हुआ है। उनका कहना था कि मंडल आयोग के नाम पर कर्पूरी फार्मूले खूंटी पर टांग कर असली वंचित वर्गों के हिस्से और हक का आरक्षण लूट कर डकैती डाल कर आर्थिक रूप से समृद्ध मलाईदार लोगों को लाभान्वित करके लालू मुलायम और हरियाणा में देवीलाल और उनके पुत्र ने जो अनैतिक अक्षम्य अपराध किया है और वास्तविक गरीब को और गरीब बना कर उनका शोषण किया है, वह सामाजिक अन्याय उनकी पीढ़ियों को कभी भी यशस्वी नहीं बना सकता है, करोड़ों गरीबों की आह का भयानक असर विभिन्न स्वरूपों में उनके ऊपर मंडराता रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री वी पी सिंह ने जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की तो लालू मुलायम ने उसे लागू नहीं किया, ताकि वास्तविक अति पिछड़ों को जाति प्रमाण पत्र न मिलने पाएं और यूपी में जब मायावती जी ने इसे लागू किया तो भी मुलायम ने कर्पूरी फॉर्मूला न अपना कर केवल अपने वर्ग के मलाईदार मार्शल कोम में से भी अधिकतर कम्हरिया वर्ग को सरकारी नौकरियों आदि में लाभान्वित किया, घोसी लोगों को भी वंचित रखा। उन्होंने कहा कि सोने लाल पटेल ने कर्पूरी की राह पर वंचितों की आवाज उठा कर पूर्वांचल में जो कारवां बनाया है, उसी की बदौलत यशस्वी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को संसद पहुंचने में कामयाबी मिली है। आज जो लोग वंचित वर्गों के हकों के साथ डकैती डालने वालों के साथ खड़े हैं, वे कर्पूरी ठाकुर और सोनेलाल पटेल जैसे महान लोगों की संघर्ष परंपरा की उपेक्षा करके अपना और अपनी पीढ़ियों का भविष्य लुटेरों की चौखट पर गिरवी रख रहे हैं,जो आत्मघाती है। पूर्वज नेताओं के सपनो को साकार करने के लिए सार्वजनिक जीवन के लोगों को वंचितों की देहरी द्वार पर जाकर उनकी दुख तकलीफ को दूर करने की साधना करनी चाहिए, तभी वे उनका नाम लेने और उनका नारा लगाने के हकदार बन सकते हैं। ज्ञानार्थी ने यह भी कहा कि ज्ञानार्थी ने कहा कि ज्ञान पद समृद्धि की प्राप्ति के लिए किसी भी वर्ग के श्रेष्ठ गुणों को आत्मसात करने की आदत विकसित करके और सभी वर्गों से स्नेह संबंध स्थापित करके तथा अपराधी लुटेरे वर्ग से दूरी बनाकर ही समाज में सौहार्द्र सदभाव सहिष्णुता न्याय और विश्वसनीयता की स्थापना हो सकती है।परस्पर युद्ध जैसी मानसिकता बौद्धिक सामाजिक आर्थिक विकास में मुख्य बाधा है। वंचित वर्गों को अपनी पीढ़ियों के विकास के लिए यह भी देखना चाहिए कि उनके कंधे पर सवर्णों और दलितों के विरुद्ध बंदूक रखने वाले लोग आज कहां हैं और वंचितों के असली मददगार कौन हैं?
इस अवसर पर अपना दल (एस) के जिला महासचिव राजेश पोरवाल , विधान सभा अध्यक्ष - मुकेश कुमार , इन्जी० राजेश कुमार वर्मा , अनुपम वर्मा , अमित चौरसिया एडवोकेट , दीवान सिंह , हवलदार सविता , गौरव , सुमित , सुधीर , साहिल , निखिल सविता आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए और अपना दल के कारवां को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
डॉ०हरिशंकर पटेल
सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी
अपना दल सोनेलाल
इटावा
