*भाजपा बांदे मंडल मे चल रहा कुछ दिनों से आंतरिक कला विधायक उसेंडी के हस्तक्षेप से हुआ समझौता*
*रिपोर्टर /उत्तम बनिक पखांजूर*
भाजपा बांदे मंडल में कार्यकर्ताओं के बीच चल रहा आपसी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुटबाजी अब इस हद तक बढ़ गई है कि कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ थाने पहुंच रहे थे! मंडल उपाध्यक्ष असीत सरकार, पूर्व मंडल अध्यक्ष रतन हवलदार, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष दिनू सेन गुप्ता एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप लगाकर बांदे थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।शिकायतकर्ता दिनू सेनगुप्ता, जो भाजपा बांदे मंडल के कार्यालय प्रभारी हैं, ने आरोप लगाया है कि 24 दिसंबर की रात करीब 8 बजे असीत सरकार ने उन्हें फोन कर धमकी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पीव्ही-88 आने पर महिलाओं से जूता मरवाकर गांव से बाहर कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार वे प्रतिदिन इसी मार्ग से अपने धान खरीदी केंद्र जाते हैं, ऐसे में उनके साथ मारपीट की आशंका बनी हुई है। दिनू सेनगुप्ता ने बताया कि धमकी के चलते वे भयभीत हैं और आशंका है कि असीत सरकार अपने समर्थकों के माध्यम से उनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना करवा सकते हैं। इसी कारण उन्होंने पूरे मामले की जानकारी बांदे थाना में देते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी भाजपा बांदे मंडल के उपाध्यक्ष असीत सरकार ने जिला प्रतिनिधि रतन हालदार के खिलाफ गाली-गलौच की शिकायत अपने समर्थकों के साथ बांदे थाना में दर्ज कराई थी। लगातार हो रही शिकायतों से साफ है कि भाजपा बांदे मंडल की अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई थी,और संगठनात्मक विवाद संगठन से बाहर निकल थाने तक पहुंच चुका था परंतु अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेंडी जी के हस्तक्षेप के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं का बैठक कर इस आंतरिक कला को विराम देकर सभी कार्यकर्ताओं को समझाइए देकर एक जुट होकर संगठन को मजबूत करना एवं इन तीनों की बात को सुनकर आपस में निवेदन कर सभी को मिलाया गया, आशित सरकार द्वारा अपना भूल को स्वीकार कर क्षमा मांगते हुए सभी साथ में मिलकर काम करने की बात कही!
