एंकर: फ़र्रुखाबाद के 17 गांवों में नहीं चली रोडवेज बस: पौने दो साल पहले मिली थी 17 मार्गों को स्वीकृति
फ़र्रुखाबाद के 17 प्रमुख गांवों तक रोडवेज बस सेवा पहुंचाने की योजना लगभग पौने दो साल पहले स्वीकृत होने के बावजूद अब तक लागू नहीं हो पाई है। शासन की मंशा थी कि ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा बेहतर हो, लेकिन यह योजना विभाग की फाइलों में ही दफ़न होकर रह गई।
फरवरी 2024 में दो अधिसूचनाएं जारी की गई थीं। पहली अधिसूचना में प्रदेश के 410 रूटों में से ज़िले के आठ रूट शामिल किए गए थे। इनमें बेवर डिपो और स्थानीय डिपो की बसों को चलाने के आदेश थे। दूसरी अधिसूचना में 1130 ग्रामीण रूटों में से आठ और मार्गों पर बस सेवा की स्वीकृति मिली।
फ़र्रुखाबाद-रजीपुर-छिबरामऊ
फ़र्रुखाबाद-रजीपुर-कन्नौज वाया सिंघीरामपुर
फ़र्रुखाबाद-कायमगंज-कपिल-सिवारा
फ़र्रुखाबाद-बघार-चेकपोस्ट काली नदी पुलिस चौकी
अन्य प्रस्तावित मार्ग: फ़र्रुखाबाद-छिबरामऊ-बेहो रिकूपुर-ताजपुर-मोहम्मदाबाद-नवावगंज-ढाईघाट, फ़र्रुखाबाद-कपिल-रुदयान, फ़र्रुखाबाद-कायमगंज-पैथान खुर्द, फ़र्रुखाबाद-कायमगंज-अचरा-सराय अगहत, फ़र्रुखाबाद-मोहम्मदाबाद-पखना-धीरपुर होकर नवीगंज।
इन मार्गों पर बस सेवा न चल पाने के कारण दूरदराज़ के गांवों के लोग डग्गामार वाहनों पर निर्भर हैं। इससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद हो रहा है।
अधिकारियों का आश्वासन
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि मार्ग संकरे होने के कारण छोटी बसें चलाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही निगम स्तर से बसें उपलब्ध होंगी, इन रूटों पर सेवा शुरू करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें आने पर भी यह सेवा शुरू की जा सकती है।
कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके बताएं फर्रुखाबाद में और कौन से रूट है जहां पर सरकारी बस की सेवा शुरू होने से लोगों को ज्यादा राहत मिलेगी ।

