ब्यूरो रिपोर्ट भरतसिंह आर ठाकोर अरवल्ली गुजरात- 9638076908
*भक्ति, संस्कृति एवं प्रकृति के संगम के साथ 11 फरवरी से गिरनार की तलहटी में भवनाथ मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ महाशिवरात्रि मेले का विधिवत प्रांरभ होगा*
*उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में पवित्र साधु संतों का भव्य नगर प्रवेश कराया जाएगा*
*श्रद्धालुओं को सभी सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार सज्ज*
• *सांस्कृतिक विरासत को प्रज्वलित करने के लिए इस वर्ष पहली बार भव्य ‘डमरू यात्रा’ का आयोजन*
• *सर्व समाज की बेटियां कलश धारण कर संतों का स्वागत करेंगी*
• *800 से अधिक भक्तों के रहने के लिए आराम दायक सुविधा*
• *25 स्थानों पर वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था*
*गांधीनगर, 10 फरवरी :* देवाधिदेव महादेव के सानिध्य में भक्ति, संस्कृति तथा प्रकृति के संगम के साथ जूनागढ के पवित्र भवनाथ गिरनार की तलहटी में परंपरागत रूप से विश्व प्रसिद्ध ‘महाशिवरात्रि मेले’ का आयोजन होगा। इस वर्ष आगामी 11 फरवरी से भवनाथ मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ महाशिवरात्रि मेले का विधिवत् प्रारंभ होगा। पांच दिनों तक आयोजित होने वाले इस अलौकिक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड और स्थानीय प्रशासन द्वारा विभिन्न सुविधाओं के साथ विशेष आयोजन किया गया है।जूनागढ के सुप्रसिद्ध महाशिवरात्रि मेले की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के लिए इस वर्ष पहली बार भव्य ‘डमरू यात्रा’ का आयोजन किया गया है, जिसमें उप मुख्यमंत्री भी सहभागिता करेंगे। इतिहास में पहली बार सर्व समाज की बेटियां कलश धारण कर संतों का स्वागत करेंगी। इस भव्य डमरू यात्रा मेले के पहले दिन, यानी 11 फरवरी को शाम 7 बजे भवनाथ प्रवेश द्वार से शुरू होकर भवनाथ मंदिर तक लगभग 400 मीटर के मार्ग पर भक्तिमय वातावरण में निकलेगी। यात्रा के समापन के बाद भवनाथ मंदिर में भव्य महाआरती का भी सुंदर आयोजन किया गया है।
गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड द्वारा यात्रियों के रात्रि विश्राम को आरामदायक बनाने के लिए 800–850 भक्तों की क्षमता वाला विशाल जर्मन डोम तैयार किया गया है। भक्तों के लिए 2,000 वर्गमीटर में फैले इस डोम में 700 पलंग और 150 फ्लोर बेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 24×7 हाउसकीपिंग, मेडिकल सहायता, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स और सामान रखने के लिए अलग लगेज रैक जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
मेले में आने वाले नागरिकों के वाहनों के व्यवस्था के लिए उपरकोट, पांजरापोळ, वाघेश्वरी मंदिर जैसे 25 अलग- अलग स्थलों पर विशाल पार्किंग प्लोट्स बनाए गए है। नागरिकों के वाहनों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक पार्किंग में सीसीटीवी कैमरा, पीने का पानी तथा शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।
मेले के मार्गों और मंदिरों को और अधिक भक्तिमय बनाया जाएगा। जिसमें समग्र भवनाथ मेला क्षेत्र को ‘भगवान भोलेनाथ’ की थीम पर सजाया जाएगा। भवनाथ मंदिर का फूलों से श्रंगार और पूरे रवेडी मार्ग पर आकर्षक रोशनी की जाएगी। भवनाथ मंदिर, अखाड़े, दामोदर कुंड और 6 मुख्य प्रवेश द्वारों को आकर्षक रोशनी से जगमगाया जाएगा। मेले के रास्ते में 6 सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में भगवान शंकर के कलात्मक चित्र भी उकेरे गए हैं। गिरनार द्वार से भवनाथ मंदिर तक के मार्ग पर सजावट और लाइटिंग भी की गई है।
भवनाथ तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न आधुनिक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। इसके अंतर्गत; पीने के शुद्ध पानी के लिए भवनाथ में 140 परब की व्यवस्था की गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए 10 बोतल क्रशर मशीन और किसी भी चिकित्सा आवश्यकता को पूरा करने के लिए 28 मेडिकल सुविधा काउंटर भी कार्यरत किए गए हैं। इसके अलावा, मेले के दौरान कुल 118 अस्थायी शौचालय तथा भवनाथ क्षेत्र में 6 मोबाइल शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था तथा 24×7 हाउसकीपिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।इन सभी पार्किंग स्थलों पर फ्लड लाइट, सैनिटेशन, सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था तथा राउंड द क्लॉक पुलिस बंदोबस्त रहेगा। इसके लिए जिला स्तर पर पार्किंग समिति का गठन किया गया है। इन पार्किंग स्थलों से मुख्य दो प्वाइंट भरडावाव और गिरनार द्वार से श्रद्धालु भवनाथ की ओर प्रस्थान करेंगे। पार्किंग स्थलों से विशेष रूप से दिव्यांगों को मेले तक पहुंचाने के लिए लगभग 25 रिक्षाओं द्वारा निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान करने का आयोजन किया है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइट एंड साउंड शो और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। महाशिवरात्रि की रात्रि में आयोजित होने वाली साधु-संतों की शाही रवेड़ी और मृगीकुंड में शाही स्नान मेले का मुख्य आकर्षण रहेगा।
‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ राज्य सरकार महाशिवरात्रि मेले को भक्ति, शक्ति और सुविधाओं का त्रिवेणी संगम बनाकर श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए संपूर्ण सज्ज है।

