Type Here to Get Search Results !
BREAKING
विज्ञापन
TTN24 न्यूज चैनल समस्त राज्यों से डिवीजन हेड, मार्केटिंग हेड एवं ब्यूरो रिपोर्टर बनने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208, +91 9454949349, ✉️ ttn24officialcmd@gmail.com — साथ ही चैनल की फ्रेंचाइजी एवं TTN24 पर स्लॉट लेने के लिए संपर्क करें — 📞 +91 9956897606 — ☎️ 0522 3647097 | आपका पसंदीदा हिंदी न्यूज चैनल TTN24 अब उपलब्ध है सभी डिजिटल केविल नेटवर्क पर — जिओ टीवी, जिओ फाइबर चैनल नंबर 543, टाटा प्ले चैनल नंबर 2075, E-star डिजिटल केविल चैनल नंबर 201, DTH लाइव टीवी, स्मार्ट टीवी, एवं सभी एंड्रॉइड बेस्ड ओटीटी प्लेटफार्म एवं यूट्यूब फेसबुक Live 24x7. चैनल से जुड़ने के लिए शीघ्र संपर्क करें — 📞 +91 9956072208 | Head Office : llnd Floor Regency Tower, Shivaji Marg, Hussainganj, Lucknow (U.P.) 226018. Managing Director : Avneesh Dwivedi — 📞 +91 9956072208, +91 9794009727. समाचार, विज्ञापन एवं चैनल में किसी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव के लिए कॉल करें — 📞 +91 9956072208

झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026: बोकारो से दिलचस्प मुकाबला, युवा ऊर्जा बनाम अनुभव की जंग

 लोकेशन बोकारो से नेशनल हेड एवं लीगल एडवाइजर अधिवक्ता राजेश कुमार की कलम से। 

 एंकर। झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026: बोकारो से दिलचस्प मुकाबला, युवा ऊर्जा बनाम अनुभव की जंग

 
झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026 ने राज्य के कानूनी जगत में एक नई हलचल पैदा कर दी है। सात साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस चुनाव में अधिवक्ताओं के हितों, सुरक्षा और कल्याण जैसे मुद्दे केंद्र में हैं। खासतौर पर बोकारो जिला बार एसोसिएशन से चार मजबूत उम्मीदवारों का मैदान में उतरना इस चुनाव को एक रोमांचक मोड़ दे रहा है। 10 फरवरी 2026 को सभी उम्मीदवारों ने रांची पहुंचकर नामांकन दाखिल किया, जहां बोकारो के सैकड़ों अधिवक्ता उनके साथ खड़े नजर आए। यह दृश्य न केवल एकजुटता का प्रतीक था, बल्कि चुनाव की गर्माहट का संकेत भी। चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें और कुल पांच पदों पर होने वाली वोटिंग इसे और भी दिलचस्प बनाती है, जहां प्रत्येक उम्मीदवार अधिवक्ताओं के हितों की बात कर रहा है।

बोकारो के चार दिग्गज: मुकाबले की रूपरेखा

बोकारो से चुनाव लड़ रहे चार उम्मीदवारों में विविधता और ऊर्जा का मिश्रण है। ये हैं: श्री जनार्दन प्रसाद चौधरी, श्री मृत्युंजय श्रीवास्तव, सुनील प्रसाद और रिंकू झा। प्रत्येक की अपनी खासियत है, जो बोकारो के अधिवक्ताओं को सोचने पर मजबूर कर रही है कि पहली वरीयता किसे मिलेगी।

जनार्दन प्रसाद चौधरी: बोकारो के युवा और ऊर्जावान अधिवक्ता के रूप में पहचाने जाने वाले जनार्दन प्रसाद चौधरी इस चुनाव में एक मजबूत दावेदार नजर आते हैं। उनका सरल स्वभाव और अधिवक्ताओं से सीधा जुड़ाव उन्हें अलग बनाता है। चौधरी ने चुनावी घोषणा में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने वादा किया है कि अगर वे जीतकर काउंसिल में पहुंचे, तो अधिवक्ता सुरक्षा कानून को पास कराने पर जोर देंगे। साथ ही, मृत्यु के बाद अधिवक्ताओं के परिवारों को तत्काल मुआवजा दिलाने की व्यवस्था को मजबूत करेंगे। आज के दौर में जहां पूरा देश युवा नेतृत्व की ओर देख रहा है, चौधरी की युवा ऊर्जा और जोश इस चुनाव को हिला देने वाला साबित हो सकता है। बोकारो के युवा अधिवक्ता उन्हें एक नए बदलाव के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।

मृत्युंजय श्रीवास्तव: पूर्व विजेता होने के नाते श्रीवास्तव का अनुभव उनका सबसे बड़ा हथियार है। बोकारो बार में उनकी अच्छी पकड़ है और वे अपने पिछले रिकॉर्ड के बल पर जीत की कोशिश कर रहे हैं। अधिवक्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता उन्हें एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनाती है, लेकिन इस बार युवा लहर उनके लिए चुनौती पेश कर सकती है। 

सुनील प्रसाद: प्रसाद भी अधिवक्ताओं के हितों पर फोकस कर रहे हैं। उनके वादे चौधरी से मिलते-जुलते हैं, जैसे परिवारिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं। बोकारो के युवा वर्ग में उनकी अच्छी साख है, जो चुनाव को और रोचक बनाती है।

रिंकू झा: महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर दावेदारी पेश करने वाली रिंकू झा बोकारो बार से एक मजबूत महिला उम्मीदवार हैं। उनका फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण और अधिवक्ताओं की समस्याओं पर है। चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आरक्षण एक सकारात्मक कदम है, और झा इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।

चुनाव की चुनौतियां और उम्मीदें

यह चुनाव सिर्फ पदों की जंग नहीं, बल्कि विचारों की टक्कर है। एक तरफ युवा अधिवक्ताओं की बढ़ती भागीदारी है, जो बोकारो बार एसोसिएशन में नई ऊर्जा ला रही है। दूसरी तरफ अनुभवी उम्मीदवारों का ट्रैक रिकॉर्ड। उपयोगकर्ता के शब्दों में कहें तो, "पूरा भारत युवा को ज्यादा प्राथमिकता देती है और युवा के अंदर जो जोश होता है वह सब कुछ हिला देने वाला होता है।" बोकारो के अधिवक्ताओं को अब फैसला करना है कि वे युवा नेतृत्व को मौका दें या अनुभव पर भरोसा रखें।

काउंसिल में महिलाओं के लिए आरक्षित पांच सीटें इस चुनाव को जेंडर संतुलन की दिशा में एक कदम आगे ले जाती हैं। सभी उम्मीदवार अधिवक्ताओं की समस्याओं – जैसे सुरक्षा, मुआवजा और कल्याण – को हल करने का वादा कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि बोकारो के वोटर किसे पहली वरीयता देंगे? युवा लहर में जनार्दन चौधरी जैसे उम्मीदवार आगे निकल सकते हैं, जबकि मृत्युंजय श्रीवास्तव जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेंगे।

निष्कर्ष: एक नई शुरुआत की उम्मीद

झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026 बोकारो के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह न केवल अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि कानूनी बिरादरी में युवा और महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा। 12 मार्च 2026 को होने वाले मतदान तक उत्सुकता बनी रहेगी। बोकारो के अधिवक्ताओं को अब सोचना है कि वे किस दिशा में जाना चाहते हैं – युवा जोश की या अनुभव की। अंत में, जीत उसी की होगी जो अधिवक्ताओं के दिलों को जीत सके। यह चुनाव झारखंड के कानूनी इतिहास में एक यादगार अध्याय बन सकता है।

Youtube Channel Image
TTN24 | समय का सच www.ttn24.com
Subscribe