लोकेशन:- पाकुड़, झारखंड
रिपोर्ट:- ओम प्रकाश साह
गोपाल गौशाला को उत्कृष्ट नस्ल की दस गायें उपलब्ध कराएंगे समाजसेवी लुत्फल हक
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को पाकुड़ शहर स्थित श्री श्री गोपाल गौशाला में दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गौशाला के पदाधिकारियों के साथ-साथ शहर के विद्वान एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी लुत्फल हक उपस्थित रहे। उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर सभी के साथ दही-चूड़ा ग्रहण किया और गौशाला परिसर में पहुंचकर गायों के पालन-पोषण एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। गौशाला की सुव्यवस्थित व्यवस्था और गो-सेवा के उद्देश्यों से प्रभावित होकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान समाजसेवी लुत्फल हक ने गोपाल गौशाला को उत्कृष्ट नस्ल की दस गायें उपलब्ध कराने का ठोस भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि गोपाल गौशाला में गायों की देखभाल और व्यवस्थाएं सराहनीय हैं। यहां आकर उन्हें आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में गौशाला को किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
लुत्फल हक ने गौशाला में गायों के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा की और इस दिशा में जमीन तलाशने की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो जमीन की व्यवस्था के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि गायों को बेहतर पोषण मिल सके।
इससे पूर्व गौशाला पहुंचने पर मुख्य अतिथि लुत्फल हक का भव्य स्वागत किया गया। पवन जैन ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया, वहीं गुरमुख बिरानी ने शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद किशोर खेमानी द्वारा उन्हें स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने समाजसेवी लुत्फल हक के सामाजिक कार्यों की जमकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि लुत्फल हक ने अपने सेवा कार्यों के माध्यम से पाकुड़ जिले को न केवल झारखंड बल्कि मुंबई, कोलकाता, दिल्ली जैसे महानगरों और लंदन, मकाउ, दुबई, मलेशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पहचान दिलाई है। आज लुत्फल हक सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बन चुके हैं।कार्यक्रम में श्री श्री गोपाल गौशाला के अध्यक्ष किशोर खेमानी, कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन सहित घनश्याम टिबरीवाल, प्रेमचंद गंगवानी, प्रमोद डोकानिया, डॉ. श्याम भगत, संजीव खत्री, हरिशंकर जायसवाल, बृजमोहन साह, समीर कचैला, ओम प्रकाश जुलमानी, निर्मल जैन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

