कौशाम्बी
*सरकार के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं विकसित भारत के संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा- राज्यमंत्री कृष्णा पासवान*
कौशाम्बी.. राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास,उत्तर प्रदेश कृष्णा पासवान ने आज मां शीतला अतिथि गृह,सयारा में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों की उस यात्रा की बात कर रहे हैं, जिसने देश की तस्वीर ही नहीं तकदीर भी बदल दी है। इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी ताकत है, जनता का अटूट विश्वास और सरकार का सेवा भाव। वर्ष 2014 में देश ने मा. प्रधानमंत्री जी पर भरोसा किया, वर्ष 2019 में पहले से भी बड़ा बहुमत देकर उस पर मुहर लगाई, और फिर 2024 में लगातार तीसरी बार जनता ने उन्हें चुनकर साफ कर दिया है कि देश सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम देखता है। लगातार तीसरी बार शपथ लेने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री जी ने सबसे पहला काम पीएम किसान सम्मान निधि की फाइल पर हस्ताक्षर करके किया। यह इस बात का सीधा सबूत है कि इस सरकार के लिए गरीब, किसान, युवा और महिलाएं ही सबसे पहले आते हैं। सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र को सिर्फ एक नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक जनआंदोलन बना दिया है। सरकार का एक ही लक्ष्य रहा है कि हर योजना का 100% लाभ कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। इसी का नतीजा है कि बीते सालों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। तकनीक और डिजिटल गवर्नेस की मदद से सीधे बैंक खातों में पैसा (DBT) भेजकर लाखों फर्जी लाभार्थियों को हटाया गया। इससे न सिर्फ आम आदमी का काम आसान हुआ, बल्कि देश के ₹4.31 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बच गए। आज देश की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह मजबूत हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि यह नया भारत है, जो चुप नहीं बैठता बल्कि मुंहतोड़ जवाब देता है। सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति की वजह से देश आज नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है और हमारा 'रेड कॉरिडोर' अब 'ग्रीन ग्रोथ जोन' में बदल चुका है।राज्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की राजनीति खत्म हो रही है और लोगों को उनका हक मिल रहा है। मोदी सरकार के विगत 12 वर्ष, सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं हैं, बल्कि एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को सच करने का एक शानदार सफर है। अगर गरीब कल्याण की बात करें तो सरकार ने जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा खाते सिर्फ महिलाओं के हैं। कोरोना जैसी महामारी के मुश्किल वक्त से लेकर अब तक 81 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इलाज के खर्च से गरीब को बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बने हैं, जिससे मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से भी 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिला है। गरीबों के जीवन को आसान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के जरिए 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर धुएं से आजादी दी गई है। गांवों के विकास के लिए जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से साफ पानी पहुंचाया जा चुका है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देश में स्वच्छता की एक नई क्रांति लाई गई है। हमारे रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के लिए पीएम स्वनिधि योजना से 74 लाख से ज्यादा लोगों को बिना किसी परेशानी के लोन मिला है। मुद्रा योजना के तहत छोटे कामधंधों के लिए बिना गारंटी 57 करोड़ से ज्यादा लोन बांटे गए हैं। वहीं छोटे कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना से 30 लाख लोगों को फायदा पहुंचाया गया है। इसके साथ ही जनजातीय समाज के कल्याण के लिए रुपए 15,000 करोड़ का बजट और 'धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान' के लिए रुपये 79,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। देश के अन्नदाताओं की बात करें तो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को रुपए 4.3 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के जरिए 7 करोड़ से ज्यादा किसानों को करीब रुपए 10 लाख करोड़ का सस्ता कर्ज दिया गया।
राज्यमंत्री ने कहा कि इस कर्ज की सीमा को भी रुपए 3 लाख से बढ़ाकर रुपए 5 लाख कर दिया गया है,ताकि छोटे किसानों को भी आसानी से मदद मिल सके। वहीं, देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर सीधे 12.75 लाख रुपये कर दिया गया है। हमारी माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिला है। बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्वि योजना के तहत 4.5 करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षाबलों में महिला अफसरों की संख्या 3,000 से बढ़ाकर सीधे 11,000 कर दी गई है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 01 करोड़ घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। वर्ष 2014 से 2026 तक की यह 12 वर्ष की यात्रा निरंतर 'प्रगति पथ पर अग्रसर' रही है।'सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत' का जो संकल्प लिया था, वह आज पूरी तरह साकार हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट कहना है कि "विकास हमारे लिए 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने चलने वाला मिशन है।" आज हमारी कार्य संस्कृति बदल चुकी है, अब "जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं।" पिछले 12 वर्षों में, "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कंक्रीट, स्टील, ऑप्टिकल फाइबर और लाखों करोड़ों रुपये के निवेश के रूप में उतरते देखा है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने वर्ष 2000 में जिस 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' की दूरदर्शी नींव रखी थी, आज उसने ग्रामीण भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। तब से लेकर अब तक गांवों में करीब 8 लाख किलोमीटर पक्की सड़कें बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग 4 लाख किलोमीटर केवल पिछले 12 वर्षों में बनी हैं। इन सड़कों ने गरीब भाई-बहनों के जीवन में विकास की एक नई सुबह ला दी है। पहले गांव से शहर जाने में 8-8 घंटे लगते थे, आज वही सफर मात्र 3 घंटे में पूरा हो जाता है। अब किसान अपनी मेहनत की फसल आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुंचा रहे हैं, बच्चों और विशेषकर बेटियों का स्कूल जाना सुरक्षित हो गया है, और किसी भी आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना सुलभ हुआ है। अटल जी का यह संकल्प आज गांव और गरीब के आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है, जिसने उन्हें देश के विकास की मुख्य धारा से सीधा जोड़ दिया है। कृषि में सबसे बड़ा बदलाव सिंचाई के क्षेत्र में आया है। हमारी सरकार का मानना है कि खेतों तक पानी की पहुंच किसान की सबसे बड़ी जरूरत है। वर्ष 2014 से पहले जहां देश में सिंचाई का दायरा काफी सीमित था और जल-उपयोग दक्षता बेहद कम थी, वहीं मोदी सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने ऐतिहासिक बदलाव किया है।
राज्यमंत्री ने कहा कि 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' के 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' अभियान के तहत 2015-16 से लेकर अब तक 109 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया जा चुका है। इससे न केवल पानी की भारी बचत हो रही है, बल्कि किसानों की पैदावार और आय में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में देश में कुल 91,287 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग थे। आज यह नेटवर्क लगभग 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है। आज देश में हर दिन लगभग 34 किलोमीटर से अधिक नए राजमार्ग बन रहे हैं, जो वर्ष 2014 में केवल 11.6 किमी प्रति दिन थी। दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की धारा पहुंचाई है। चिनाब ब्रिज, नया पंबन ब्रिज और अटल टनल जैसी सैकड़ों जटिल और भीमकाय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ने देश की प्रगति को एक नई और तेज रफ्तार दी है।
वर्ष 2014 तक रेलवे का आधुनिकीकरण एक सपना था। आज भारतीय रेलवे का लगभग 99.6% से अधिक ब्रॉड गेज विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। देश भर में 1337 से अधिक रेलवे स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। इन 12 सालों में भारतीय रेलवे ने विकास की, जो रफ्तार पकड़ी है, वह अकल्पनीय है। सिर्फ ट्रेनें नहीं चला रहे हैं, बल्कि RRTS और वंदे भारत ट्रेनों के जरिए देश में विश्वस्तरीय मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी का निर्माण किया है, ताकि यातायात का हर साधन एक-दूसरे से निर्बाध रूप से जुड़ सके। आज देश के कोने- कोने में 164 से अधिक 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेनें सफलतापूर्वक दौड़ रही हैं, जो भारतीय रेलवे की नई, आधुनिक और सुरक्षित पहचान बन गई हैं। वर्ष 2014 में केवल 5 शहरों में केवल 248 किमी मेट्रो नेटवर्क था। आज भारत के 26 से अधिक शहरों में 1,095 किलोमीटर से अधिक का मेट्रो नेटवर्क हो गया है, जो दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता शहरी परिवहन सिस्टम है। आजादी के 67 सालों में देश में मात्र 74 हवाई अड्डे थे। पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने 90 से अधिक नए हवाई अड्डे बनाए हैं, और आज यह संख्या 164 को पार कर गई है।
राज्यमंत्री ने कहा कि घरेलू उड़ान बाजार बन गया है। 'उड़ान' योजना ने हवाई चप्पल पहनने वाले को भी हवाई यात्रा का अवसर दिया है। बिजली और इंटरनेट के मोर्चे पर भी सरकार ने रिकॉर्ड काम किया है। सौभाग्य योजना के जरिए देश के हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है। साथ ही भारतनेट परियोजना से 2.14 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़कर गांवों को भी डिजिटल इंडिया से जोड़ दिया गया है। युवाओं की पढ़ाई और इलाज के लिए पिछले 12 सालों में 23 नए एम्स (AIIMS) और मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई। पूर्वोत्तर के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा करते हुए असम में पहला एम्स स्थापित किया गया है। बच्चों की सेहत के लिए मिशन इंद्रधनुष के तहत 5.4 करोड़ से ज्यादा बच्चों का मुफ्त टीकाकरण किया गया है। पिछले 12 वर्षों में देश का विकास तो हुआ ही है. साथ ही हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को भी एक नया मुकाम मिला है। गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाते हुए 'राजपथ' का नाम 'कर्तव्य पथ' किया गया और इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई गई। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन से जुड़े 5 मुख्य स्थानों को "पंचतीर्थ" के रूप में विकसित किया गया। आदिवासी समाज के महानायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को "जनजातीय गौरव दिवस" घोषित कर उन वीरों को सम्मान दिया गया, जिन्हें इतिहास में भुला दिया गया था। नए भारत की बुलंद सोच के प्रतीक के रूप में सरदार पटेल की 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' और नए संसद भवन का निर्माण किया गया। रेसकोर्स रोड का नाम 'लोक कल्याण मार्ग' और मुगल गार्डन का नाम 'अमृत उद्यान' किया गया। नई संसद में पवित्र 'सेंगोल' को स्थापित किया गया अंडमान- निकोबार के 21 द्वीपों के नाम हमारे परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए और पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर 'श्री विजयपुरम' किया गया है। हमारे वीर शहीदों की याद में बना 'राष्ट्रीय युद्ध स्मारक' आज हर भारतीय को देश प्रेम की प्रेरणा दे रहा है। फिट इंडिया मूवमेंट और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देश के लोगों में स्वदेशी और अच्छी सेहत के प्रति एक नया भरोसा जगाया है।
राज्यमंत्री ने कहा कि 'वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को धरातल पर उतारा है। आज दुनिया के मंच पर भारत एक 'समाधान देने वाले देश' के रूप में मजबूती से खड़ा है। 'वैक्सीन मैत्री' के जरिए मुश्किल वक्त में 99 देशों तक दवाइयां पहुंचाकर भारत दुनिया का सबसे भरोसेमंद दोस्त बनकर उभरा है। जी-20 की कामयाब अध्यक्षता, 39 नए दूतावासों का खुलना और ₹70 लाख करोड़ से ज्यादा का विदेशी निवेश (FDI) आना यह दिखाता है कि आज पूरी दुनिया की भारत पर पूरा भरोसा है। दुनिया के 38 देशों के साथ किए गए 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) ने हमारे किसानों और उद्योगों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खोल दिए हैं। हमारी संस्कृति की ताकत देखिए कि आज 177 देश एक साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। 10 जून का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील का पत्थर बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़कर, भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक 'निर्वाचित' (Elected) प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को मिले 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान और 'मॉर्निंग कंसल्ट' के सर्वे में 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बनना, हर एक भारतीय के सम्मान की बात है।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत कल्पना सोनकर, विधायक चायल पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, सदस्य उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग प्रतिभा कुशवाहा, निवर्तमान विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल एवं संजय गुप्ता, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मंझनपुर वीरेन्द्र फौजी व कविता पासी, अध्यक्ष नगर पंचायत सिराथू भोला यादव व अझुवा शांति देवी आदि उपस्थित रहे।
*ब्यूरो रिपोर्ट मुज़फ्फर कौशाम्बी*
