ब्युरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
क्षत्रिय करणी सेना की मातृशक्ति, राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता डॉ. संगीता सिंह जी जेल से रिहा होकर बाहर आ चुकी हैं।
सिर्फ खुद की रिहाई ही नहीं, बल्कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 80 से अधिक सवर्ण समाज के सैनिकों को भी अपने साथ सम्मान के साथ छुड़वाकर लाई हैं।आज कुछ ऐसीही देखने को मिला जब शेरनी दहाड़ती है तो सत्ता के महल भी कांप जाते हैं, और जब सवर्ण समाज की मातृशक्ति मैदान में उतरती है तो अन्याय करने वालों के पसीने छूट जाते हैं।
यह सिर्फ रिहाई नहीं, सवर्ण स्वाभिमान की गर्जना है।"शेरनी की दहाड़ से सिंहासन हिल जाते हैं, सवर्ण जब जाग जाते हैं तो तख्ता बदल जाते हैं। करणी सेना का एक ही नारा, अन्याय करने वालों को नहीं बख्शेंगे दोबारा सत्तासे उखाड़ देंगे!"आज दिल्ली में होने वाले यूजीसी के विरोधमे आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाइयां शुरू कल रातसेही करदी गई थी जिसमे
करणी सेना व सर्वण संगठनो के पदाधिकारी को गिरफ्तार कियाथा जिसमें आनंद स्वरूप स्वामी, डॉ, राज शेखावत, महिपाल सिंह जैसे कितने लोगोंको हाउस अरेस्ट करदिया गया था। हाउस अरेस्ट पहले दिल्ली पुलिसने एसिस्ट व्यवहार किया जिसमे करनी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ, राज शेखावत को घसीट कर ले जानेकि घटनाकों लोकतंत्र का अवमान समान सवर्णों संगठनों ने दुर्भाग्यपुर्ण बताया।
पहले दि गई अनुमति खारिज कर देनेका तरीका यही बताती है कि कलसे यूजीसी के विरोध पहले सरकार हिली थी ये साफ होताहै।
आज यूजीसी के विरोध प्रदर्शनकारियो को रामलीला मैदान जानेसे पहले भिड़कों रोककर जिन लोगोंको हिरासत मे लियेथे वो सबको पुलिसने रिहा किया।
आजभी यूजीसी कानून का विरोध करके सवर्ण समाज को न्याय मिले ऐसी मांग करते हुए सरकारकों आज ज्ञापन दिया है देखना यह है की यूजीसी रोलबेक् करेगी या नहीं?

