ब्यूरोचीफ शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
बारडोली के नाडिदा गांव होकर निकलती मिढोला नदीके किनारेसे दिन दहाड़े टेंपो में भरकर सैकड़ों मृत मुर्गियां फेंकी जा रही थीं, लेकिन कोई ठीक से जांच नहीं की गई।
महाराष्ट्रमें बर्डफ्लू बीमारी के कहर बीच गुजरात मे दिनदहाड़े मिढोला नदी के पानी में बड़ी संख्यामें मरी हुई मुर्गियां फेंकने की घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा दिखाई दिया।महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू से पैदा हुआ डर अब सूरत जिलेमें भी देखा जारहा है। बारडोली तालुकाके नादिदा गांवसे गुजरने वाली मिढोला नदीके किनारे से अनजान लोगों द्वारा बड़ी संख्यामें मरी हुई मुर्गियां फेंकने के बाद पूरे जिले में भारी हंगामा मच गया है।
बारडोली के नादिदा गांवकी सीमासे गुजरने वाली मिढोला नदी के किनारे कुछ अनजान लोग टेंपोमें आए थे। इन लोगों ने नदी के किनारे एक पब्लिक जगह पर बड़ी संख्यामें मरी हुई मुर्गियां फेंक दी थीं।घटना की गंभीरता को देखते हुए नादिदा ग्राम पंचायत के सरपंच और प्रशांत भाई तलाटी समेत टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
नदी किनारे बड़ी संख्या में मरे हुए मुर्गे मिलने पर तुरंत वेतनरीके के डॉक्टर की मदद ली गई। ग्राम पंचायत ने बारडोली टाउन पुलिस स्टेशन हद विस्तारमें होनेसे अनजान टेम्पो ड्राइवरों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराईगई है।
लेकिन असल में, लोकल हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारी या पुलिस सिस्टम के जिम्मेदार अधिकारी जांच के नाम पर कार्रवाई करने के लिए सिर्फ खानापूर्ति ही करेंगे? या फिर लोगोंकी जानको ख़तरेमे डालने वाले मृत मुर्गो नदी के पानीमें डालकर फरार लोगोके समाने कोई ठोस कार्रवाई करके कानून क्या होता हैं वो सिखायेंगे!!
